पà¥à¤°à¥‹ पà¥à¤°à¥‡à¤® कà¥à¤®à¤¾à¤° धूमल… à¤à¤• नाम नहीं,à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के खाते में à¤à¤• नठआयाम रहे हैं । जब à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की बागडोर थामने से शांता कà¥à¤®à¤¾à¤° ने ना-नà¥à¤•र कर रहे थे,तब आज के à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤®à¥‹à¤‚ नरेंदà¥à¤° मोदी को इनà¥à¤¹à¥€ धूमल में हिमाचल à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की चमक नजर आई थी ।
इस मरà¥à¤¤à¤¬à¤¾ धूमल साहब चà¥à¤¨à¤¾à¤µ हारे तो जरूर,मगर à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ को जितवा गठ। यह कहने की वजह है । जब तक धूमल का नाम बतौर à¤à¤¾à¤µà¥€ सीà¤à¤® डिकà¥à¤²à¥‡à¤¯à¤° नहीं किया गया था,तब तक à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ का रासà¥à¤¤à¤¾ à¤à¥€ कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤° नहीं था । उस दौर में वो हाईकमान à¤à¥€ हांफ़ा हà¥à¤† था,जो पूरे हिनà¥à¤¦à¥‹à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨ को दौड़ा रहा था । अमित शाह ने धूमल के नाम का à¤à¤²à¤¾à¤¨ सिरमौर से किया तब जाकर à¤à¤°à¤®à¥Œà¤° तक à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ का परचम लहराया । धूमल चà¥à¤¨à¤¾à¤µ हार गठऔर à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ जीत गई ।
“हाई-हैडिड” हाईकमान ने अपने इस ‘पॉलिटिकली अनसंग हीरो’ की हार को à¤à¥€ यह कह कर दरकिनार कर दिया कि अब à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ पीà¥à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¨ करेगी । पर यह सवाल बिना जवाब के ही छोड़ दिया कि जिस पीà¥à¥€ ने हाईकमान के कहने पर अपनी बलि दे दी,उसको कà¥à¤¯à¤¾ दिया गया ? हाईकमान के कहने पर धूमल ने नया चà¥à¤¨à¤¾à¤µ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° चà¥à¤¨ लिया,उनसे किस बात के अà¤à¥€ तक चà¥à¤¨-चà¥à¤¨ कर बदले लिठजा रहे हैं ? पीà¥à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¨ की आड़ में हाईकमान ने अपने मनसूबे तो पूरे कर लिà¤,पर à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के सतà¥à¤¤à¤¾ हासिल करने के मनसूबों को कामयाब करने वाले नेता को कà¥à¤¯à¤¾ सिला दिया ?
बीते à¤à¤• साल से धूमल बिलà¥à¤•à¥à¤² चà¥à¤ª हैं । लाख खà¤à¤—ालो, वह चà¥à¤ª ही रहते हैं । किसी सवाल का विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ जवाब तो दूर की बात,हाà¤-न à¤à¥€ नहीं करते । अब पà¥à¤°à¥‹ साहब की यही चà¥à¤ªà¥à¤ªà¥€ जनता के बीच मे शोर उठने की वजह बन गई है । चरà¥à¤šà¤¾à¤à¤‚ आम हो गईं हैं कि धूमल की धमक की गैर मौजूदगी कहीं à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ में ही सनà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤¾ न पसरा दे ?
इसकी वजह à¤à¤• नहीं बलà¥à¤•ि अनेक हैं । दरअसल,धूमल की मौजूदा चà¥à¤ªà¥à¤ªà¥€ à¤à¤²à¥‡ ही à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के à¤à¤• केमà¥à¤ª को रास आ रही हो,मगर पूरे हिमाचल में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ का à¤à¤²à¤¾ करती नजर नहीं आ रही । बहà¥à¤¤ बड़ा सामाजिक कà¥à¤¨à¤¬à¤¾ यह मान रहा है कि धूमल की सतà¥à¤¤à¤¾ से विदाई à¤à¤²à¥‡ ही चनà¥à¤¦ अपनों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ “तय” की गई होगी,मगर इस ठाकà¥à¤° को जिस तरह से “ठà¥à¤•राया” गया है,उसकी बदौलत à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ को कहीं लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में “ठोकर” न लग जाठ।
वजह गिनवाते हà¥à¤ आम लोग कहते हैं कि पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में बीते विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की जीत और पीà¥à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¨ के इतने चरà¥à¤šà¥‡ नहीं थे, जितने धूमल की हार के रहे थे । मतलब बताते हà¥à¤ आम लोग कह रहे हैं कि अà¤à¥€ अगर मोदी देश मे à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ का चेहरा हैं तो धूमल हिमाचल à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की अà¤à¥€ तक फेस और बà¥à¤°à¥ˆà¤‚ड वेलà¥à¤¯à¥‚ हैं । धूमल सतà¥à¤¤à¤¾ से बाहर जरूर हà¥à¤ हैं मगर आम आदमी के मन से नहीं । à¤à¤¸à¥‡ में धूमल की चà¥à¤ªà¥à¤ªà¥€ कहीं à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की बोलती à¤à¥€ बंद न करवा दे ? अà¤à¥€ फिलवकà¥à¤¤ आलम तो यह है कि धूमल कà¥à¤› बोल नहीं रहे और आम आदमी बोलने से कोई परहेज नही कर रहा ।
दैनिक à¤à¤¾à¤¸à¥à¤•र के वरिषà¥à¤ पतà¥à¤°à¤•ार अरविंद शरà¥à¤®à¤¾ की सपà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के शà¥à¤ विवाह के मौके पर पà¥à¤°à¥‹ धूमल से लमà¥à¤¬à¥‡ अरसे के बाद मà¥à¤²à¤¾à¤•ात हà¥à¤ˆ । धूमल समाजिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर तो खà¥à¤² कर बोले,मगर सियासी सवालों पर खामोशी का दामन नहीं छोड़ा । किसी à¤à¥€ शादी में घर-घर की लकड़ी (लोग) पहà¥à¤‚ची होती है । धूमल की चà¥à¤ªà¥à¤ªà¥€ व हाव-à¤à¤¾à¤µ हर किसी को कचोटती हà¥à¤ˆ साफ़ नजर आई । करीबन à¤à¤• घणà¥à¤Ÿà¤¾ जनता के बीच बैठकर धूमल तो अपने रासà¥à¤¤à¥‡ निकल गà¤,मगर बाद में जनता ने जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ दीं, वह à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ को दोराहा तो दूर की बात, सियासत के चौराहे पर ही खड़ी करती नजर आईं…