बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को कैबिनेट मंतà¥à¤°à¥€ राजीव सैजल कांगड़ा जिला के जà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾à¤®à¥à¤–ी विधानसà¤à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की लगड़ू पंचायत में à¤à¤• मेडिकल केमà¥à¤ª के उदघाटन के लिठपहà¥à¤‚चे थे । यह पंचायत à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के कदà¥à¤¦à¤¾à¤µà¤° नेता पवन राणा की गृह पंचायत à¤à¥€ है । राणा का दबदबा à¤à¤¸à¤¾ है कि टॉप से बॉटम तक हर कोई दबा हà¥à¤† नजर आता है । à¤à¤¸à¥‡ में इसी विधानसà¤à¤¾ के विधायक रमेश चंद धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ इस समारोह में न पहà¥à¤‚चना बहà¥à¤¤ बड़ी सियासी उहापोह का कारण बन गया है ।
इस मेडिकल केमà¥à¤ª में पीजीआई समेत फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤œ मोहाली चंडीगॠसे कई विशेषजà¥à¤ž डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ पहà¥à¤‚चे हà¥à¤ थे । इस केमà¥à¤ª की सूचना आमजन तक पहà¥à¤‚चाने के लिठखूब पमà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ à¤à¥€ बांटे गठथे। । पर धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ को à¤à¤• अदद नà¥à¤¯à¥Œà¤¤à¤¾ तो दूर की बात चिटà¥à¤ ी तक नहीं à¤à¥‡à¤œà¥€ गई । नतीजा यह हà¥à¤† कि आम आदमी का इलाज तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° कर गà¤,मगर धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ की अनदेखी का रोग बॠगया । धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ ने कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से दूरी बना ली । न सैजल से मिले न राणा की घरेलू पंचायत में।कदम रखा । हालांकि धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को लगà¥à¤—ड़ू के साथ लगते इलाके खà¥à¤‚डिया में अपना सियासी धà¥à¤¨à¤¾ रमाठहà¥à¤ थे ।
धà¥à¤¨à¥‡à¤‚ का धà¥à¤†à¤‚ इस कदर छाया कि धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ जà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾à¤®à¥à¤–ी मंदिर में सैजल के साथ शीश नवाने से परहेज बरत गठ। इस बाबत जब धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ से फोन पर बात की गई तो अपने ही खांटी अंदाज़ में बोले कि, ” ओ मिंजो नि पता यरा,मैं ता पंचायतां दे कमà¥à¤®à¤¾ दी रवà¥à¤¯à¥ मिटिंगा रकà¥à¤–ियां, ओथॠआया । ” अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤,मà¥à¤à¥‡ नहीं पता,मैंने तो पंचायतों के कामों की रिवà¥à¤¯à¥‚ मीटिंगà¥à¤¸ रखी हà¥à¤ˆ हैं,वहां आया हूं । धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ ने कà¥à¤› यूं कनà¥à¤¨à¥€ काटी,मानों अनचाहा सवाल पूछ लिया हो ।
खैर,सवाल यह है कि आखिर जयराम सरकार में कांगड़ा का à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾à¤ˆ कà¥à¤¨à¤¬à¤¾ रà¥à¤¸à¤µà¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है ? दरअसल, धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ का यह रवैया कोई नया नहीं है । सीनियर और à¤à¤• दौर में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ को संजीवनी देने वाले इन धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ को इस मरà¥à¤¤à¤¬à¤¾ मनà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤®à¤£à¥à¤¡à¤² में à¤à¥€ जगह नही मिली । जबकि ओबीसी बिरादरी में वह तगड़ा रसूख रखते हैं । गाहे-बगाहे अपनी जनता के साथ जà¥à¥œà¥€ मांगों को लेकर वह सरकार के सामने वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का बाजा बजाते रहते हैं । बजट सतà¥à¤° से पहले à¤à¥€ धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ ने मोरà¥à¤šà¤¾ खोल कर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया था । अब यह नया सियासी कांड हो गया । लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ से पहले धà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ की आग को फिर हवा मिल गई है । जिसà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥€ सेहत के लिठआयोजित हà¥à¤ हेलà¥à¤¥ केमà¥à¤ª में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की पॉलिटिकल हेलà¥à¤¥ पर सवाल उठगठहैं । चेकअप तो हर सà¥à¤¤à¤° पर जरूरी नजर आ रहा है । अगर चेकअप न हà¥à¤†,इलाज न हà¥à¤† तो पॉलिटिकल मेकअप पर असर कà¥à¤¯à¤¾ होगा,यह यकà¥à¤· पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ है ?