बंदर किसानों और नागरिकों के लिठसमान रूप से à¤à¤• खतरा बन गठहैं। अब और तब, इस मामले में असंतोष के सà¥à¤µà¤° सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ देते रहे हैं, जिसमें कà¥à¤› नागरिक संगठन सरकार से इस मामले में समाधान खोजने की मांग करते रहे हैं। बंदर उपदà¥à¤°à¤µ राजनीतिक दलों के लिठà¤à¥€ à¤à¤• मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ बन गया है, जिसमें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ दलों ने किसानों को बचाने के लिठआवाज उठाई है। विधान सà¤à¤¾ में हर सतà¥à¤° में यह मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ उठाया जाता है, जिसमें कई विधायक इस पर बहस करती देखे जाते हैं । पर केवल कोई दृशà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ परिणाम नही मिलता ।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ (५ साल में दो बार) वरà¥à¤®à¤¿à¤¨ घोषित किठजाने के बाद à¤à¥€, धारà¥à¤®à¤¿à¤• मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के रहते कà¤à¥€ à¤à¥€ किसी बंदर को जानबूà¤à¤•र नहीं मारा गया। इसलिठसà¤à¥€ इस बात से सहमत थे कि नसबंदी ही खतरे से निपटने का à¤à¤•मातà¥à¤° वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥à¤¯ उपाय है। हालांकि तेरह साल से बंदर नसबंदी कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® (2003-2019) चलाठगठहैं। फिर à¤à¥€ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नà¥à¤¯à¥‚नतम है। 2003 में वन विà¤à¤¾à¤— के आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बंदरों की आबादी राजà¥à¤¯ में कà¥à¤² 3.17lac थी, जो कि 2019 में विà¤à¤¾à¤—ीय सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ (अनौपचारिक) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° लगà¤à¤— 2.50lac बंदरों पर बनी हà¥à¤ˆ है, यानी आबादी में 21% की कमी आई है। सीज़न दर सीज़न, नठबंदरों का जनà¥à¤® लेना जारी हैं।
विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का कहना है कि समसà¥à¤¯à¤¾ नसबंदी के लिठलागू होने वाले तरà¥à¤•हीन तरीके में है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि आधी अधूरी रणनीति पर काम करने से अधिकारी इस खतरे को कम नहीं कर पाà¤à¤‚गे। यह समसà¥à¤¯à¤¾ बंदरों की नसबंदी के लिठलकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने के तरीके में है। यह कहते हैं कि बंदरों के बीच जनà¥à¤® दर 22% पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वरà¥à¤· है। 22% में से लगà¤à¤— 7% को मृतà¥à¤¯à¥ दर माना जाता है। अतः हर साल लगà¤à¤— 15% बंदर हैं जो नठको जनà¥à¤® देने में à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¨à¥‡ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रखते हैं। इसलिà¤, अगर कà¥à¤² 2.50lac बंदर हैं, तो जो à¤à¤• साल में जनà¥à¤® देने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ रखते हैं, वह लगà¤à¤— 38 हजार होने चाहिà¤à¤¼à¥¤
वन विà¤à¤¾à¤— के आंकड़ों से पता चलता है कि अब तक लगà¤à¤— 1.54lac बंदरों की नसबंदी की जा चà¥à¤•ी है। केवल अगर उन संखà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• तरीके से निषà¥à¤«à¤² किया जाता तो खतरे को अब तक खतà¥à¤® हो जाना चाहिठथा। यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है कि यदि सिमीयनों की संखà¥à¤¯à¤¾ इतनी तेजी से घट रही है, तो वे उपदà¥à¤°à¤µ का कारण कैसे बन सकते हैं, जो इस तरह की खतरनाक हद तक बढ़ गया कि हतà¥à¤¯à¤¾ जैसे कठोर उपायों के बारे में सोचना पड रहा है।
आंकड़ों से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है कि विà¤à¤¾à¤— दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤µà¤°à¥à¤· औसतन 12 हज़ार बंदरों की नसबंदी की जा रही है। इस पà¥à¤°à¤•ार 28 हजार बनà¥à¤¦à¤° जो जनà¥à¤® देने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ रखते हैं है वो छूट रहें है।  और मान  लीजिठकी 28 हजार (आधे पà¥à¤°à¥à¤· और आधी मादा मानते हà¥à¤) से यदि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• मादा 2 को जनà¥à¤® देती है, तो सालाना 28 हजार से अधिक बंदर आबादी में जà¥à¤¡à¤¼ जाते हैं। तो इस आधार पर पिछले 10 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से संचयी, जनसंखà¥à¤¯à¤¾ में लगà¤à¤— 2.80lac की वृदà¥à¤§à¤¿ हà¥à¤ˆ है।
विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताया गया à¤à¤• अनà¥à¤¯ कारक यह है कि नसबंदी के लिठपकड़े गठकà¥à¤² बंदरों में से लगà¤à¤— 20% दोबारा दोहराठजाते हैं (पहले ही निषà¥à¤«à¤² हो चà¥à¤•े)। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने कहा, “इसलिठअतिरिकà¥à¤¤ 20% बंदरों की नसबंदी की जरूरत रहती है।” संखà¥à¤¯à¤¾ में अगर 38००० बंदर वारà¥à¤·à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¥à¤¯ हैं तो अतिरिकà¥à¤¤ 20% यानी 7600 बंदरों को à¤à¥€ इस आंकड़े की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ के लिठपकड़ा जाना चाहिà¤à¥¤
कोई आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ नहीं कि वन विà¤à¤¾à¤— उनकी कारà¥à¤¯ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ में अंतर के बारे में समà¤à¤¤à¤¾ है, जिस कारण 2015 के बाद कोई à¤à¥€ बंदर आबादी के आंकड़े सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• रूप से जारी नहीं किठगठहैं। हालांकि वन विà¤à¤¾à¤— की वेबसाइट बंदर नसबंदी के मासिक आंकड़ों को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करती है , लेकिन साइट पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤µà¤°à¥à¤· नसबंदी लकà¥à¤·à¥à¤¯ जैसे कारकों के बारे में सूचित नहीं करती है। सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से नसबंदी की कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में सà¥à¤§à¤¾à¤° की आवशà¥à¤¯à¤•ता है अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ ‘सिमियन’ आबादी बिना किसी समाधान के आगे बढ़ती रहेगी और लोग परेशान होते रहेंगे ।
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