अगसà¥à¤¤ में लगातार बारिश ने à¤à¤• बार फिर रिज के उतà¥à¤¤à¤°à¥€ ढलान पर दरारें उजागर कर दी हैं। अनियोजित निरà¥à¤®à¤¾à¤£, बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ ढांचे के विकास और पेड़ों की अवैध कटाई का खामियाजा शिमला के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित रिज को à¤à¥à¤—तना पढ़ रहा है। वासà¥à¤¤à¤µ में विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने चेतावनी दी है कि अगर समय पर उचित कदम नहीं उठाठगà¤, तो इससे बड़ी आपदा à¤à¥€ हो सकती है।
रिज के धà¥à¤¸à¤¨à¥‡ के बारे में पहली रिपोरà¥à¤ŸÂ 2008 में सामने आई थी। 2010 तक, गेयटी थिà¤à¤Ÿà¤° कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के सामने उतà¥à¤¤à¤°à¥€ ढलान वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ पर पहली बार दरारें देखी गईं। तब से लगà¤à¤— हर साल बारिश और बरà¥à¤« के मौसम के दौरान ये दरारें सामने आती हैं, केवल असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤£ करके समाधान किया जाता है।
शिमला à¤à¤®à¤¸à¥€ के अधिकारियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया गया है कि यहाठकी मिटà¥à¤Ÿà¥€ पहले ही ढाई से तीन फीट नीचे जा चà¥à¤•ी है। बारिश के बाद, सतह कई मीटर धसà¥à¤¸ राई है, और यह सब ठीक उस हिसà¥à¤¸à¥‡ पर जहां पहले कई बार ज़मीन धसà¥à¤¸ चà¥à¤•ी है.
2014 में शहर के ततà¥à¤•ालीन डिपà¥à¤Ÿà¥€ मेयर टिकेंदà¥à¤° पंवर ने रिज के नीचे की टंकियों का निरीकà¥à¤·à¤£ किया, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पता चला कि उनमें दरारें विकसित हो गई हैं। इन टैंकों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ 1880 में अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया गया था और उचित रखरखाव के बिना इनमे अब दरारें विकसित हो रही हैं। इसी के बाद रिज के संरकà¥à¤·à¤£ के लिठकई कदम उठाठगठरिज (टैंक के ऊपर) पर à¤à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को ‘No vehicle zone’ घोषित ‘ किया गया ‘ और यहां तक कि अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° को सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित कर दिया गया। रिज पर अनà¥à¤¯ सà¤à¥€ गतिविधियों पर à¤à¥€ अंकà¥à¤¶ लगाया गया था। संरकà¥à¤·à¤£ की परंपरा लगà¤à¤— 2017 तक जारी रही जिसके बाद ‘रिज पर गतिविधियों का à¤à¥‚त’ फिर से जाग गया।
रिज से पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ मंतà¥à¤°à¥€ के à¤à¤¾à¤·à¤£ के बाद शायद पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ मिली। 2017 में जब पीà¤à¤® नरेंदà¥à¤° मोदी ने शिमला का दौरा किया, तो उनका सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• संबोधन रिज पर आयोजित किया गया था। जब इस रिपोरà¥à¤Ÿà¤° ने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ विधायक से पूछा कि यह जानने के बावजूद कि रिज खतरे में है, तो पीà¤à¤® संबोधन यहां आयोजित किया गया, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बहस की कि जब परà¥à¤¯à¤Ÿà¤• सीजन की रात में हजारों परà¥à¤¯à¤Ÿà¤• रिज पर नाच कर सकते हैं, तो पीà¤à¤® संबोधन कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं। साथ ही उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 2012 में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आयोजित शपथ समारोह के बारे में à¤à¥€ याद दिलाया।
इसके बाद 2017 में, जब नई राजà¥à¤¯ सरकार ने कारà¥à¤¯à¤à¤¾à¤° संà¤à¤¾à¤²à¤¾; उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¥€ रिज पर शपथ समारोह का आयोजन किया। इस तरह की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ घटनाओं के बाद रिज में à¤à¤• बार फिर शहर में होने वाली अधिकांश धारà¥à¤®à¤¿à¤• / सामाजिक / सांसà¥à¤•ृतिक / राजनीतिक गतिविधियों का केंदà¥à¤° बन गया। समारोहों, Awareness drives, पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° मेलों, शॉपिंग फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤²à¥‹à¤‚, सà¤à¥€ कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से यहां à¤à¤• आम दà¥à¤°à¤¿à¤¶à¥à¤¯Â बन गठहैं। दà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¤¾ इस सà¥à¤¤à¤° तक बढ़ गई है कि इस वरà¥à¤· गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤• टेंट हाउस की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ पूरे सीजन (3 महीने) में रिज पर लगातार दिखाई दे रही थी। इसके अलावा अजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण के तहत अब दिवंगत पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ अटल बिहारी वाजपेयी की à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ à¤à¥€ जलà¥à¤¦ ही यहां सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ की जानी है। जो की केवल कमजोर संरचना पर अधिक वजन जोड़ना होगा ।
“रिज को पहाड़ी के नीचे से काटकर निकाला गया था। मलबे को उसके उतà¥à¤¤à¤°à¥€ ढलानों में फेंक दिया गया था। हालांकि यह वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से बसा हà¥à¤† है, लेकिन यह हिसà¥à¤¸à¤¾, विशेष रूप से रिवोली बस सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚ड और तिबà¥à¤¬à¤¤à¥€ बाजार की ओर, पानी के रिसने के कारण फिसलता रहता है। मॉनसून और बरà¥à¤«à¤¬à¤¾à¤°à¥€ के दौरान इसका धसना à¤à¤• आम बात हो गई है। ढलान à¤à¥€ ओवरलोड हो गठहैं। à¤à¤• दिन हम à¤à¤• आपदा के बारे में सà¥à¤¨ सकते हैं, अगर कदम नहीं उठाठगà¤, “à¤à¤¨à¤•े नेगी, राजà¥à¤¯ के मà¥à¤–à¥à¤¯ वासà¥à¤¤à¥à¤•ार ने à¤à¤• मीडिया बयान में चेतावनी दी है।
संजीव à¤à¥‚षण शिमला निवासी और उचà¥à¤š नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के वरिषà¥à¤ अधिवकà¥à¤¤à¤¾ ने कहा, ‘अगर हमें रिज को बचाना है, तो रैलियों और धारà¥à¤®à¤¿à¤• जà¥à¤²à¥‚सों सहित सà¤à¥€ बड़ी सà¤à¤¾à¤“ं पर पूरी तरह से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगाया जाना चाहिà¤à¥¤
रिज बनाने वाले बà¥à¤°à¤¿à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ इसकी à¤à¥‡à¤¦à¥à¤¯à¤¤à¤¾ के बारे में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सतरà¥à¤• थे। अà¤à¤¿à¤²à¥‡à¤– बताते हैं कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• समय में यहां 150 से अधिक लोगों को अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ नहीं दी थी। पूरà¥à¤µ डिपà¥à¤Ÿà¥€ मेयर टिकेंदà¥à¤° पंवर ने सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया, “हालांकि यहां आगंतà¥à¤•ों की संखà¥à¤¯à¤¾ को सीमित करना शहर के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– केंदà¥à¤° के रूप में संà¤à¤µ नहीं होगा, लेकिन ‘No vehicle zone area’ पर पैदल यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ को कम से कम रोकना चाहिà¤à¥¤” उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि साथ ही इंजीनियरिंग आधारित समाधान पर काम किया जाना चाहिà¤à¥¤
मेयर कà¥à¤¸à¥à¤® सदरेट ने कहा, “यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ है। रिज को धसने से बचाने के लिठà¤à¤• इंजीनियरिंग और à¤à¥‚वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• समाधान की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।” हालांकि महापौर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठगठइस संकलà¥à¤ª की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ को आने वाले दिनों में ही देखा जा सकता है, लेकिन रिज ततà¥à¤•ाल धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने के लिठरो रहा  हैं।
Himachal ki har badi khabar, sabse pehle aapke paas
Breaking news, local updates aur exclusive stories — seedha WhatsApp ya Email par. Free. No spam.
WhatsApp Alerts
Instant news seedha aapke phone par. Ek click me subscribe karein.
Subscribe on WhatsAppEmail Newsletter
Har nayi post ka link aapke inbox me. Kabhi bhi unsubscribe karein.